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तुला राशिफल मई 2017

तुला राशिफल मई 2017

गोचर कुण्डली में सूर्य आपकी जन्मकुण्डली के चन्द्र राशि से सातवें भाव में भ्रमण कर रहा है। यह एक शुभ गोचर नहीं है। आपको उदर सम्बन्धी रोग हो सकते हैं और आपका पाचन तंत्र भी गड़बड़ हो सकता है। अगर गोचर कुण्डली में दूसरे अन्य ग्रह भी शुभ स्थिति में नहीं हैं तो आपको व्यर्थ की थकाऊ यात्रा करनी पड़ सकती है और अपने सहयोगियों से आपका विवाद हो सकता है। यह गोचर आपके जीवनसाथी के लिए शुभ नहीं है और उनका स्वास्थ्य आपके लिए चिन्ता का कारण बन सकता है।

बैसाख महीने के दौरान सूर्य इस गोचर कुण्डली में होगा (14-15 अप्रैल से 15-16 मई तक)।

चन्द्रमा गोचर कुण्डली में अपनी राशि से नौवें भाव में भ्रमण कर रहा है। यह गोचर शुभ नहीं है और आप अपने को अस्वस्थ महसूस कर सकते हैं। आप किसी दूरस्थ रहने वाले व्यक्ति से कुछ संदेश प्राप्त कर सकते हैं, जो कि आपको परेशान कर सकता है। आपके वरिष्ठ अधिकारी आपमें खामियां ढूंढने की कोशिश कर सकते हैं अथवा आपके पिता थोड़े-बहुत तुनुकमिजाज हो सकते हैं, जो कि आपके सुझाव/प्रस्ताव को मानने से इंकार कर सकते हैं, जिससे आपको दु:ख हो सकता है।

मंगल गोचर कुण्डली में आपकी जन्मकुण्डली के चन्द्र राशि से आठवें भाव में भ्रमण कर रहा है। यह गोचर बहुत शुभ नहीं है। आपको व्यस्त मार्गों से गुजरते समय अथवा आग या किसी चलते हुए मशीन के पास काम करते समय सचेत और सावधान रहने की जरूरत है। आपकी शारीरिक स्थिति भी ठीक नहीं हो सकती है और आप बुखार अथवा खून से होने वाली बीमारियों से परेशान हो सकते हैं। आपको अपनी आर्थिक स्थिति में भी भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपकी कुण्डली में कोई अशुभ ग्रह इसी गोचर से भ्रमण कर रहा है, तो आपकी विश्वसनीयता और मान-सम्मान को ठेस पहुँच सकती है।

गोचर कुण्डली में बुध आपकी जन्मकुण्डली के चन्द्र राशि से सातवें भाव में भ्रमण कर रहा है। यह एक शुभ गोचर नहीं है और आपको काफी सत्तर्क रहना चाहिए। संभावना है कि दलाल, बिचौलिये आदि आपको धोखा दे सकते हैं। इसके अलावा, आप किसी चालाक वकील के चक्कर में भी पड़ सकते हैं। मजबूत शैक्षणिक और बौद्धिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के साथ किसी भी तरह के विवाद से आपको बचना चाहिए। आपको अपने जीवनसाथी अथवा व्यापारिक सहयोगी से भी मनमुटाव हो सकता है, उन्हें कुशलता से शांत करना चाहिए।

गोचर कुण्डली में बृहस्पति आपकी जन्मकुण्डली के चन्द्र राशि से बारहवें भाव में भ्रमण कर रहा है। यह शुभ गोचर नहीं है। विषम परिस्थितियों को काबू में करने के लिए आपको सावधान और सचेत रहना चाहिए। आपको धन निवेश और उधारी से बचना चाहिए और दूसरों से अधिक अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। आपको धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है या घाटा उठाना पड़ सकता है। आपके मित्र और संबंधी भी मददगार साबित नहीं होंगे, जिसकी वजह से आप काफी दु:खी हो सकते हैं।

गोचर कुण्डली में शुक्र आपकी जन्मकुण्डली के चन्द्र राशि से छठे भाव में भ्रमण कर रहा है। यह शुक्र का सबसे अशुभ गोचर है। आपको सावधान और सचेत रहना चाहिए। यदि गोचर कुण्डली में अन्य दूसरे ग्रह भी अशुभ हैं तो आपको अत्यन्त सावधानी बरतनी चाहिए। आपको अपने कार्यों और बातचीत में काफी सूझ-बूझ से काम लेना चाहिए और सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपने कोई गलत वादा या कोई अपराध तो नहीं किया है। तत्काल में, आपके शत्रु सक्रिय हो सकते हैं और आपके संबंधी इस विपरीत परिस्थिति में शत्रुतापूर्ण व्यवहार कर सकते हैं। आपको अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। आपको अपने विश्लेषक और विवेकी प्रवृति को वश में रखना चाहिए तथा अपने शब्दों पर भी नियन्त्रण रखना चाहिए।

गोचर कुण्डली में शनि आपकी जन्मकुण्डली के चन्द्र राशि से तीसरे भाव में भ्रमण कर रहा है। यह एक अत्यन्त शुभ गोचर है। आपके उपर छाये हुये निराशा और परेशानियों के बादल छंट जायेंगे और आप अपने को काफी भाग्यशाली महसूस करेंगे अगर साढ़-साती (जो कि पार कर चुका है) का दौर आपके लिए खराब था तो आप एक नयी शुरूआत कर सकते हैं। आप नये वातावरण में नई शुरूआत कर सकते हैं और अपने विशेष गुण जैसे साहस, विश्वास, ताकत और संकल्प पुन: प्राप्त कर सकते हैं। आपके पेशे में या निवास स्थान में बदलाव हो सकता है। आप अपने अभिन्न मित्रों और संबंधियों से नाखुश हो सकते हैं और यदि ऐसा था तो अभी से आप उनका ख्याल कम करेंगे और किसी दूसरी जाति, समुदाय या धर्म के लोगों के साथ आप दोस्ती कर सकते हैं और वे आपको खुली बांहों से अपनायेंगे।

गोचर कुण्डली में राहु आपकी जन्मकुण्डली के चन्द्र राशि से ग्यारहवें भाव में भ्रमण कर रहा है। यह अत्यन्त शुभ गोचर है। आप सफलता की राह पर तेजी से चलना शुरू कर देंगे। आपकी कुछ महत्वाकांक्षायें कार्यान्वित होंगी और आपकी हार्दिक अभिलाषायें पूर्ण होंगी। आपको किसी महत्वपूर्ण कार्य के सिलसिले में विदेश जाने का मौका मिल सकता है और अपना कार्य सफलतापूर्वक समाप्त कर वापस घर लौटेंगे। आप किसी धनी व्यक्ति या किसी दूसरे धर्म, समुदाय अथवा जाति विशेष के व्यक्ति के साथ साझेदारी में कोई नया कार्य आरम्भ कर सकते हैं।

गोचर कुण्डली में केतु आपकी जन्मकुण्डली के चन्द्र राशि से पांचवें भाव में भ्रमण कर रहा है। यह एक अशुभ गोचर है। आपको अपनी अपेक्षाओं को वश में रखना चाहिए और यथार्थ में रहना चाहिए। यदि आपको हानि से बचना है तो बिना सोचे-समझे निवेश से बचना चाहिए - खासकर मनोरंजन के क्षेत्र में। आपको पैसे के लेन-देन में काफी सजग रहना रहना चाहिए, क्योंकि अपने वादे पूरे न करने पर आपकी विश्वसनीयता और सम्मान खोने की संभावना अधिक है। यदि आप किसी नशे के आदी हैं तो आपको अपने स्वास्थ्य और मौज-मस्ती में से किसी एक को चुनना पड़ सकता है।

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