शनि अमावस्या पर सुबह और शाम करें का यह प्रयोग,
बरसेगी लक्ष्मी की कृपा
शनि अमावस्या
शनि
अमावस्या साल का वह दिन
है जब शनि तथा
सभी प्रकार के दोषों से
मुक्ति के उपाय करने
के विशेष संयोग बनते हैं। इस दिन किए
गए प्रयोग बहुत जल्दी असर दिखाते हैं। 18 नवंबर 2017 को साल का
सबसे शुभ शनि अमास्या आ रहा है।
इस दिन सुबह और शाम में
दो खास ऐसे मुहूर्त हैं जिसमें अगर आप 5 मिठाइयों का उपाय करें
तो आपकी सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
आपको
ध्यान रखना है कि दोनों
ही उपाय बताए गए मुहूर्त में
ही किए जाएं और दोनों ही
समय किए जाएं, वरना आपका यह प्रयोग अधूरा
रहेगा और पूरा फल
नहीं मिलेगा।
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सुबह का प्रयोग
सुबह
5 से 9 बजे के बीच आपको
यह प्रयोग करना है। इसके लिए इस दिन ब्रह्म
मुहूर्त में (सूर्योदय से पूर्व) उठ
जाएं। स्नान आदि से निवृत्त होने
के पश्चात् नियमित पूजा या ध्यान करें।
इसके बाद आपको किसी शनि मंदिर जाना है। वहां एक लोटे में
जल लेकर उसमें तिल तथा गुड़ डालें और पीपल की
जड़ में अर्पित करें। साथ ही 2 सरसों तेल का दीपक भी
जलाएं। अपनी मनोकामनाओं का मन में
दुहराव करते हुए पीपल वृक्ष की 7 परिक्रमा करें तथा वापस आ जाएं।
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शाम का प्रयोग
शाम
5 बजे से 7 बजकर 24 मिनट के बीच कभी
भी आपको यह उपाय करना
है। इसके लिए आपको कुछ चीजें चाहिए होंगी - आधा दूध और आधा पानी
से भरा स्टील का लोटा, शहद,
गुड़ या चीनी में
कोई भी एक चीज
उसमें थोड़ी मात्रा में डालें, एक चम्मच काला
तिल, लोहे या नाव की
कील या घोड़े की
नाल से बना छल्ला
(इसे अभिमंत्रित कर आपको पहनना
है जिसकी विधि इसी प्रयोग के दौरान होगी।
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प्रयोग विधि
शनि
मंदिर में पीपल के नीचे जड़
के पास छल्ला रखें और इसके ऊपर
जो जल आपने तैयार
किया था उसे प्रवाहित
करें। अब पीपल के
गिरे हुए 5 पत्ते लेकर हाथों से या पानी
से साफ करें। उसपर 5 अलग-अलग प्रकार की मिठाइयां रखें।
दीपक जला लें। अब मन में
अपनी मनोकामना सोचते हुए पत्तों समेत एक प्क्ति बनाते
हुए मिठाइयां समर्पित करें। सभी पत्तों के बगल में
एक-एक धूप बत्ती
भी रखें। अब पीपल की
7 परिक्रमा करें। परिक्रमा के बाद जड़
की मिट्टी तिलक की तरह अपने
माथे पर लगाएं। आखिर
में सरसों या तिल के
तेल का दीपक जलाकर
छोड़ दें और बिना पीछे
मुड़े वहां से चले जाएं।
इससे जहां आपको सभी प्रकार के शनि दोषों
से बहुत जल्दी छुटकारा मिलता है, वहीं आपके जीवन से सभी समस्याएं
दूर होती हैं और आर्थिक समृद्धि
आती है।
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धन वृद्धि के लिए
इसके
अलावा सुबह या शाम में
प्रयोग से पहले या
किसी भी समय शनि
चालीसा का पाठ करने
का बाद प्रयोग धन प्राप्ति तथा
धन संबंधी परेशानियां दूर करने के लिए निम्न
मंत्रों का 11, 21 या 108 की संख्या में
जाप करें: ऊं धनदाय नम:
ऊं मन्दाय नम: ऊं मन्दचेष्टाय नम:
ऊं क्रूराय नम: ऊं भानुपुत्राय नम:

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